मेरी किताब
अधूरी सी है
पर लिखी जाती है रोज
उन्ही गिने चुने पन्नों पर
जो उम्र के कोने वाली
ताख पर सजा रखा है
मेरी किताब के कुछ पन्ने
कुछ अच्छे हैं
उम्दा हैं
कोई समझेगा
कि बूझ पायेगा
बस दो दो
एक एक लफ्जों को
जोड़ तोड़
एक किस्सा बना रखा है
मेरी किताब के कुछ पन्ने
बेतरतीब हैं
गंदे हैं
कवर पे जो
जिल्द लगा रक्खी है
उन्ही में छुपा रखा है
मेरी किताब के कुछ पन्ने
कोरे भी रह गए हैं
समझ न पाया
क्या लिखूं ना लिखूं
उनका वक्त तो
उड़ गया था वहां से
बस अहसासों का गिरा
पंख वहां लगा रखा है
मेरी किताब अभी
पूरी नहीं हुई है
हो ना हो,
तुम्हारे लिए जो कभी
एक गीत लिखा था
उसी को
आखरी पन्ना बना रखा है.
अधूरी सी है
पर लिखी जाती है रोज
उन्ही गिने चुने पन्नों पर
जो उम्र के कोने वाली
ताख पर सजा रखा है
मेरी किताब के कुछ पन्ने
कुछ अच्छे हैं
उम्दा हैं
कोई समझेगा
कि बूझ पायेगा
बस दो दो
एक एक लफ्जों को
जोड़ तोड़
एक किस्सा बना रखा है
मेरी किताब के कुछ पन्ने
बेतरतीब हैं
गंदे हैं
कवर पे जो
जिल्द लगा रक्खी है
उन्ही में छुपा रखा है
मेरी किताब के कुछ पन्ने
कोरे भी रह गए हैं
समझ न पाया
क्या लिखूं ना लिखूं
उनका वक्त तो
उड़ गया था वहां से
बस अहसासों का गिरा
पंख वहां लगा रखा है
मेरी किताब अभी
पूरी नहीं हुई है
हो ना हो,
तुम्हारे लिए जो कभी
एक गीत लिखा था
उसी को
आखरी पन्ना बना रखा है.
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