Tuesday, June 28, 2011

all alone

दिल भी है
दिल की बातें भी हैं,
पर दिल से
दिल की बात भी
कोई
बताता ही नहीं.

कई आते हैं 
कई जाते हैं मगर,
अब तंग गली कहके भी
कोई
टकराता ही नहीं.

उम्र की फसल 
सबने काटी है
मगर,
दिन ढले
खाने पे कभी 
कोई बुलाता ही नहीं.

मौका भी है 
मौजूद भी है मगर,
मेरा माशूक
अब
मेरा मन
बहलाता ही नहीं.

वक्त हमें सब सिखा देता है 
सच ही है,
जिंदगी का सबक लेने
कोई
मदरसे जाता भी नहीं.  



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