Thursday, March 31, 2011

just fine

थोड़ी सी घुटन भी ठीक है
कि कुछ कम है
कुछ रुक सा गया है
फिर से कोई 
नयी साँस तो लेता है .

थोड़ी सी चुभन भी ठीक है 
जब रिसता है
खुद का खून 
दूसरों का तब
दर्द याद आता  है .

थोड़ी सी जलन भी ठीक है 
देह भी है 
खाल भी है 
खोल ही है !
पता चलता है .

थोड़ी सी तड़प  भी ठीक है 
कभी मिले 
यूँ ही खो भी गए 
और ना मिले 
तब उनका  मोल लगता है .
  

No comments:

Post a Comment