फिर हवा बोली है
रुत गुनगुनाया है
और दिल मचला है
थिरकने के लिए
फिर चाँद बादलों से
निकल आया है
और चकोर जा बैठा है
रात भर जगने के लिए
फिर एक फूल छिटक कर
नदी में जा गिरा है
किसी के घने बालों में
जा सजने के लिए
फिर किसी ने उसे देखा है
और मुस्कुराया है
एक और नया प्यार..
पलकों में पलने के लिए
Beautiful...!
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