Tuesday, April 6, 2010

glimpse

तुम्हें एक बार देख लें
तो मेरा एक दिन नहीं
पूरा साल अच्छा हो जाता है
तुम कुछ बोल दो
तो दिल का हाल
अच्छा हो जाता है

एक अधूरी बात
जो शायद तुमने कही थी
मैं ही न समझा था
फिर कहने ही कभी आओ
एक हंसी तुम्हारी
जो शायद बकाया है
लौटाने ही कभी आओ

तुम्हारे बारे में
जब भी सोचता हूँ
मुस्कुराता हूँ
ये भी कमाल
अच्छा हो जाता है

तुम भी कभी गुजरो
हम भी खड़े हो
एक मोड़ पर
एक शाम कोई ऐसी बीते

कुछ नहीं तो





1 comment:

  1. beautifully captivated sir.....simple,honest and beautiful!

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